प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से 'पुरस्कार और सम्मान' खंड हमेशा से महत्वपूर्ण रहा है। हाल ही में वर्ष 2025 के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कारों की घोषणा की गई है। यहाँ मुख्य बिंदु दिए गए हैं जो आपकी परीक्षा के लिए अत्यंत उपयोगी हैं: 🔹 मुख्य विजेता (Key Winners 2025) भाषाविजेता (Author)कृति (Work)विधा (Genre)हिन्दीममता कालियाजीते जी इलाहाबादसंस्मरण (Memoir)अंग्रेजीनवतेज सरनाCrimson Springउपन्यास (Novel)संस्कृतसाधु भद्रेशदासप्रस्थानचतुष्टये ब्रह्मघोष:कविताउर्दूप्रितपाल सिंह बेताबसफ़र जारी हैकवितामैथिलीमहेंद्रधात्री पात सन गामसंस्मरण 📊 पुरस्कारों का सांख्यिकीय विवरण इस वर्ष कुल 24 भारतीय भाषाओं में पुरस्कार दिए गए हैं, जिनमें शामिल हैं: 8 कविता संग्रह 4 उपन्यास 6 कहानी संग्रह 2 निबंध 1 आलोचना, 1 आत्मकथा और 2 संस्मरण 💡 परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Quick Facts for Aspirants) स्थापना: साहित्य अकादमी की स्थापना 1954 में हुई थी। प्रथम पुरस्कार: हिन्दी में पहला पुरस्कार 1955 में माखनलाल चतुर्वेदी को उनकी कृति 'हिम तरंगिनी' के लिए दिया गया था। इनामी राशि: विजेता को एक उत्कीर्ण तांबे का फलक, शॉल और ₹1,00,000 की नकद राशि दी जाती है। भाषाएँ: यह पुरस्कार संविधान की 8वीं अनुसूची की 22 भाषाओं के साथ-साथ अंग्रेजी और राजस्थानी (कुल 24) में दिया जाता है।